शिक्षा घोटालेबाजों को 7 साल की सजा और लाखों का जुर्माना न्यायालय - News Vision India

Breaking

16 Mar 2018

शिक्षा घोटालेबाजों को 7 साल की सजा और लाखों का जुर्माना न्यायालय

shiksha ghotala jabalpur Judge Akshay Kumar Divedi

शिक्षा घोटालेबाजों को 7 साल की सजा और लाखों का जुर्माना जबलपुर न्यायालय
छोटा व्यापम घोटाला

बतौर लोक सेवक मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग के 3 कर्मचारियों को जबलपुर के विशेष न्यायाधीश अक्षय कुमार त्रिवेदी के द्वारा लाखों का जुर्माना ठोका और 7 साल से अधिक के कारावास तक की सजा भी सुनाई गई, हम बात करते हैं एक ऐसे शिक्षक की जिसका नाम राजेश चंद्रशेखर रहटगांवकर है जो हाई स्कूल बरगी में पदस्थ रहा है दूसरा आरोपी है राजेंद्र दास गुरु जो कि जनपद शिक्षा केंद्र पाटन में पदस्थ रहा है और तीसरा भ्रष्ट लोक सेवक है महेंद्र कहार जो जनपद शिक्षा केंद्र पाटन में पदस्थ रहा है

इन तीनों के द्वारा वर्ष 1997 से लेकर के वर्ष 2004 तक प्रभारी प्राचार्य एवं अन्य पदों पर नियुक्त रहते हुए परीक्षा के नाम पर कई छात्रों से अवैध रूप से लाखों रुपए की वसूली की कई छात्रों से वार्षिक फीस  चेक माध्यम से प्राप्त की गई, इनमें से कई चेक इन तीनों के द्वारा अपने बचत खाते में आहरित करा लिए गए,  जिसकी शिकायत पर राज्य अपराध अन्वेषण ब्यूरो भोपाल की कई के द्वारा जांच की गई यह जांच 2009 में मार्च में संपन्न की गई,  जिसका अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया इस पूरे जांच प्रकरण में इन तीनों आरोपियों के द्वारा शिक्षा विभाग को लाखों रुपए की क्षति कारित की गई जिस पर वर्ष 2018 में जांच पूरी होने के बाद आज श्रीमान विशेष लोकायुक्त न्यायाधीश श्रीमान अक्षय कुमार द्विवेदी के द्वारा तीनों आरोपियों को लाखों रुपए के जुर्माने से दंडित किया साथ ही सभी को 7 साल तक के कारावास से दंडित किया जुर्माने की रकम जमा नहीं होने पर अतिरिक्त सजा का दंडादेश भी सुनाया

भ्रष्टाचार की कड़ियां इस देश में इतनी मजबूत हो चुकी है कि बतौर लोक सेवक आदमी इमानदारी से जन सेवा करने की शपथ लेने के उपरांत पदग्रहण तो कर लेता है परंतु पद ग्रहण करते ही जिस विभाग में पदस्थ किया जाता है उसका स्वयं मलिक सा बन जाता है उसी प्रकार से इन तीनों भ्रष्ट अधिकारियों के द्वारा बतौर  शिक्षा अधिकारी रहते हुए अपनी व्यक्तिगत कमाई का साधन बनाया गया था, जिन का खुलासा राज्य अपराध अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा सक्रियता पूर्वक की गई कार्यवाही के चलते इस भ्रष्टाचार का खुलासा किया जा सका,  साथ ही लोक अभियोजक के द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्कों से संतुष्ट होकर न्यायाधीश द्वारा शासन हित में जनहित में आदेश को पारित किया जा कर आरोपियों को दंडित किया गया

भ्रष्टाचार से केवल 1 शिक्षा विभाग ही नहीं कई अन्य विभाग भी पीड़ित हैं जहां पर भ्रष्टाचारी अपने अपने राजनैतिक ,पारिवारिक संबंधों के आधार पर लगातार जमे हुए हैं और भ्रष्टाचार कर रहे हैं ऐसे ही कुछ भ्रष्टाचारी वाणिज्य कर विभाग जबलपुर में पदस्थ हैं और कुछ निलंबित हो चुके हैं,

लोकायुक्त संगठन तथा राज्य अपराध अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा लगातार भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध मुहीम चलाकर कार्यवाही की जा रही है ताकि समाज में भ्रष्टाचार और रिश्वत से दूषित करने वाले लोगों को न्यायालय से पारितोषिक के रूप में सजा प्राप्त हो सके,  आज  शासन स्तर पर  कई विभागों पर हो रहे भ्रष्टाचारों को रोकने की जिम्मेदारी महज  लोकायुक्त संगठन तथा राज्य अपराध अन्वेषण ब्यूरो पर  आकर ठहर जाती है,  भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह दोनों संगठन सक्रिय रूप से कार्यवाही कर रहे हैं और शासन की छवि खराब करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही जारी है निश्चित रूप से इस तरह के भ्रष्टाचारों पर जल्दी ही बड़ी लगाम कसने में दोनों संगठनों को सफलता प्राप्त होगी,  साथ ही समस्त समाज को प्रशासन पर भरोसा कायम होगा,

हम बताते हैं और भी नामजद भ्रष्टाचारियो के बारे  में जिनको हमारे द्वारा पहले भी एक्स्पोसे किया गया है,   
               
पूर्व में निलंबित वाणिज्यिक कर उपायुक्त ओम प्रकाश वर्मा के सम्बन्ध में प्रकाशित खबरे जिसने विभाग पर भ्रष्टाचार का प्रकाश डाला और निलंबित हुआ

1.   पैसा दो न्याय लोवाणिज्यिक कर विभाग  जबलपुर में बिना लेनदेन के कोई काम नहीं

2.   वाणिज्यिक कर विभाग के . पी. वर्मा उर्फ़ ओमप्रकाश का एक और केस सामने आया      

3.   वाणिज्यिक कर उपायुक्त . पी. वर्मा, उर्फ़ ओमप्रकाश, अंततः निलंबित

4.  न्याय विक्रेता निलंबित उपायुक्त पर कार्यवाही लंबित वाणिज्यिक कर विभाग मध्य प्रदेश

5. रोग मुक्त हुआ विभाग, भ्रष्टाचारी सेवा से निवृत्त हुआ, निलंबन काल में

वर्तमान में एक नया भ्रष्टाचारी वाणिज्यिक कर विभाग में उभर कर सामने आया है, जिसका नाम है नारायण मिश्र, जिसने करोडो के 49 फॉर्म बेच डाले
नाम के नारायण , काम के भस्मासुर

1.       50 करोड़ का घोटाला, वाणिज्य कर विभाग का फार्म-49 घोटाला, जबलपुर मध्य प्रदेश
2.       घोटालेबाज उपायुक्त "नारायण मिश्र" पर कार्यवाही शुरू, वाणिज्यिक कर विभाग, मध्य प्रदेश

  
जनहित में न्यूज़ विजन के द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त करने उपरान्त खबरों को जन जागरण हेतु प्रकाशित किया जाता है , कोई भी व्यक्ति किसी भी सम्बन्ध में जानकारी या सहायता के अपेक्षा करता है तो हमे “SUBSCRIBE” करे, और दिए गए संपर्को पर संपर्क कर सकता है   

Please Subscribe Us At:
WhatsApp: +91 9589333311

#EducationDepartmentScamAccusedSentToJail, #NewsVisionIndia, #LatestHindiNewsJabalpurMP,

No comments:

Post a Comment

Follow by Email

Pages