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24 Sep 2018

सोना को जबरदस्ती सोना पड़ गया महंगा 10 साल के लिए, मित्र सुशील को 3 साल

sona ko pad gyaa mehanga sona 10 saal k liye

सोना को जबरदस्ती सोना पड़ गया महंगा 10 साल के लिए

घटना दिनांक 8 जनवरी 2015 को लालगंज थाना अंतर्गत निवासी एक 15 वर्षीय बालिका आज अपने स्कूल जा रही थी जिसको उलझा कर शताब्दीपुरम के पास दो युवक सोना और कमलेश पुत्र धर्मदास निवासी यादव कॉलोनी और सुशील पुत्र सीताराम पटेल निवासी यादव कॉलोनी ने रोका और बहला फुसलाकर त्रिपुर सुंदरी मंदिर ले गए मंदिर के दर्शन के बाद दोनों उस बालिका को शताब्दीपुरम में एक सुनसान जगह पर इकलौते कमरे में बंधक बनाया इस दौरान सुशील वहां से चला गया और दूसरे दिन लौट कर के आया,

 इस बीच सोना भी वहां पर आया कुछ देर पश्चात सुशील वहां से चला गया और सोना ने उस नाबालिग बच्ची के साथ बलपूर्वक अपना मुंह काला किया और उस बालिका का जीवन तार-तार कर दिया और उसे जान से मारने की धमकी दी उसे मृत्यु तुल्य प्रताड़ना दी उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि यह बात बाहर नहीं जानी चाहिए किसी को बताना मत डराया धमकाया जाने के बाद सोना वहां से चला गया कमरे को बाहर से तालाबंदी कर के कुछ देर पश्चात सुशील वहां पर आया और उसने इस हालत में बालिका को देखकर पूरा वृतांत पूछा और उसको वहां से भगाने में उसकी मदद की 2 दिन बाद बालिका अपने घर पहुंची और अपने मां-बाप को पूरा वृतांत सुनाया और इस घटना से प्रतिवेदन होकर थाना लालगंज में पूरे घटनाक्रम पर प्रकरण दर्ज कराया गया

 जहां पर जांच अधिकारी के द्वारा तत्काल प्रभाव से भारतीय दंड विधान की धारा 363 366 376 342 अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किया गया जिस पर दोनों की गिरफ्तारी की गई और न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया आज दिनांक 24 sep 2018 को राज्य की ओर से श्रीमती स्मृति लता वरकड़े विशेष लोक अभियोजक के द्वारा पक्ष रखा गया सभी गवाहों के बयान दर्ज होने के पश्चात युवती के बयान धारा 164 में लिए गए थे उनके प्रति परीक्षण के उपरांत जबलपुर के न्यायाधीश श्रीमान आर पी सोनी के द्वारा आरोपी सोना उर्फ  कमलेश पुत्र धर्मदास को धारा 366 363 376 342 और पास्को अधिनियम के तहत दोष सिद्ध पाते हुए 10 वर्ष से सश्रम कारावास से दंडित किया और 5000 जुर्माना भी लगाया और इसी के साथ किडनैपिंग करने में मदद करने वाले उसके मित्र सुशील पुत्र सीताराम पटेल को धारा 363 और 366 के तहत 3 वर्ष के कारावास से दंडित किया और जुर्माना भी लगाया

इसी के साथ बुजुर्गों की एक कहावत सामने रंग लाई की जैसी संगत वैसी रंगत मित्रों इससे यह बात स्पष्ट होती है कि आपका दोस्त जो सुबह शाम आपके साथ रहता है वह कब कौन सी हरकत करेगा इसका अंदाजा आपको भी नहीं रहता है किसी ने किसी मामले में वह आपसे मदद की अपेक्षा करता है यह तो वही बात हो गई कि दोस्त का जीवन में हो ना मानो जैसे एक सांप पाल के रखा गया,  सोना की घिनौनी मानसिकता की कीमत आज सुशील को 3 वर्ष के कारावास से भुगतनी पड़ रही है,  और परिवार का नाम खराब हुआ सो अलग, दोस्ती की इतनी भयानक कीमत मजबूरन आज सुशील कुमार को चुकानी पड़ रही है, जिससे हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने खास मित्र की नियत का अंदाजा पहले से लगा लेना चाहिए, इससे हम सुरक्षित रह सकते हैं

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