SP-JBP के कुशल मार्गदर्शन में सुलझी रहस्यमयी मौत की गुत्थी, TI नीरज वर्मा, SI नितिन कमल रहे सफल विवेचक - News Vision India

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18 Apr 2019

SP-JBP के कुशल मार्गदर्शन में सुलझी रहस्यमयी मौत की गुत्थी, TI नीरज वर्मा, SI नितिन कमल रहे सफल विवेचक

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          थाना चरगवां अन्तर्गत 10 वर्षिय बालक की नृशंस हत्या का पर्दाफाश, 3 आरोपी गिरफ्तार

पहले से हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा हो चुके आरोपियों ने दोबारा हत्या कारित की गिरफ्तार आरोपी-
1-मोहनलाल उर्फ गुडडु तिवारी पिता भगवत प्रसाद तिवारी उम्र 39 वर्ष निवासी सगडा, 2-मुकेश श्रीपाल पिता स्व. रम्मू श्रीपाल उम्र 39 वर्ष निवासी सगडा, 3-अनिल उर्फ अन्नू गोस्वामी पिता  चंदन गिरी गोस्वामी उम्र 38 वर्ष निवासी सगडा 

आरोपियें की निशादेही पर घटना के वक्त पहने हुये कपडे, मोटर सायकिल, घटना स्थल से मिले तार के टुकडे

  कानून व्यवस्था पर ढीली कार्यवाही का खामियाजा था, जिसकी कीमत बदल के परिवार को चुकानी पड़ी ,

आचार संहिता प्रभावशील अवधि में हत्या जैसे गंभीर मामलों में सजा पा चुके अपराधियों को, निगरानी में / न्यायायिक अभिरक्षा में रखा जाना समाज हित में अत्यंत आवश्यक था,  इस अवधि में सभी हथियार के Liscense निलंबित कर दिए जाते है, ताकि ना हो दुरूपयोग , परन्तु इस तरह से सजा पा चुका अपराधियों  पर नकेल कसना अत्यंत आवश्यक है, श्रीपाल प्रजाति के कई लोगो पर पहले से कई मुकदमे दर्ज है , अपराधिक प्रवत्ति के कार्यो में श्रीपाल प्रजाति के लोग अवैध उत्खन ( रेत-ईंट-डोलोमाइट-मुर्रम ) जैसे कार्यो में कई लम्बे समय से लिप्त है, जिनकी जानकरी पुलिस को भलीभांती रहती है,  बिना बीमा के भारी वाहनों में ओवरलोडिंग की जाती है, जिससे सदा सड़को  हादसों की संभावनाए निर्मित होती रहती है,  

                        दिनांक 08/04/19 को थाना चरगंवा में सतनाम गिरी गोस्वामी निवासी ग्राम सगडा द्वारा रिपोर्ट की गई कि उसका भतीजा बादल गिरी गोस्वामी उम्र 10 वर्ष के अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपहरण करने की आशंका पर अपराध क्रमांक 133/19 धारा 363 का पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया था । विवेचना में  दिनांक 11/04/19 को रामजी श्रीपाल के खाली पडे मकान के अंदर गलियारे में प्लास्टिक की बोरी के अंदर अपहृत बालक बादल गिरी गोस्वामी की लाश बिजली के तार से बंधी मिलने से प्रकरण में धारा 364,302,201 भादवि बढाई गयी 

             प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री निमिष अग्रवाल (भा.पु.से.) कें आदेशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ0 रायसिंह नरवरिया के निर्देशन में csp बरगी श्री रवि सिंह चौहान के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी चरगंवा उप निरीक्षक नितिन कमल, थाना प्रभारी ओमती श्री नीरज वर्मा एवं थाना प्रभारी शहपुरा श्री घनश्याम सिंह मर्सकोले एवं सायबर सेल की टीम व थाना चरगंवा के स्टाफ की  एक विशेष टीम विवेचना हेतु गठित की गयी।  भादवि धारा 363,364,302,201 के तहत प्रकरण में कार्यवाही की गयी,

             विवेचना के दौरान गांव के महिला व पुरूष व बच्चों से लगातार सघन पूछताछ की गई एवं बालक बादल की पतासाजी  के लिए निरंतर तलाशी अभियान चलाया गया। बालक के आने जाने के रास्ते पर लोगों से बारीकी से पूछताछ कर पतासाजी की गई। ग्रामीण जनो से बारीकी से की गई पूछताछ के आधार पर संदेही मुकेश श्रीपाल से  सघन पूछताछ की गई तो उसने बताया कि मैं एवं गुडडु उर्फ मनोहर लाल तिवारी तथा अनिल उर्फ अन्नू गिरी गोस्वामी जुआ खेलने एवं शराब पीने के आदि हैं तीनों ही अभी हाल ही में गोटेगॉव जिला नरसिंहपुर में जुआ में बडी रकम हार कर कर्ज में दबे हुए हैं कर्ज से उबरने के लिए तीनों के द्वारा सुनियोजित षडयंत्र रचकर फिरोती की रकम वसूलने के नियत से दिनांक 08/04/19 को प्रातः लगभग 10.45 बजे मुन्ना सेठ की दुकान के पास से मृतक बादल गिरी गोस्वामी जो कि इन तीनों से पूर्व से भंलिभांति परिचित है, बहला फुसलाकर ले गये तथा लाखन गौंड के सूने पडे मकान पर ले जाकर आरोपीयों द्वारा बादल को छुपाकर हाथ पैर व मुंह बांधकर रखा गया एवं इसी बीच बादल के पिता एवं परिवारजन व गांव के लोगों द्वारा सक्रियता से ढूढने पर आरोपीगण घबरा गये तथा मुंह दबाकर हत्या कर देना बताया दिनांक 09/04/19 को  तथा दिनांक 10/04/19 को ग्रामीणजन एवं पुलिस द्वारा लगातार गांव एवं आसपास के क्षेत्र में बादल की तलाश के प्रयास किये गये। रात में लगभग दो-ढाई बजे जब ग्रामीणजन एवं पुलिस की सक्रियता कम हो गई थी, आरोपी गण गुडडु तिवारी, मुकेश श्रीपाल तथा अनिल उर्फ अन्नू गोस्वामी तीनों गुडडु तिवारी की बाइक  टी.व्ही.एस. से लाश को नर्मदाजी में फैंकने की नियत से लाखन गौंड के मकान से निकले किन्तु लोगों की चौकसी को देखकर लाश को गांव से बाहर न ले जा सके मजबूर होकर तुरंत रामजी श्रीपाल के सूने पडे मकान के अंदर गलियारे में लाश को छिपा दिये । आरोपीगण लगातार लाश को ठिकाने लगाने की फिराक में थे किंतु लोगों की सक्रियता के चलते ये लोग लाश को ठिकाने न लगा सके और दिनांक 11/04/19 को रामजी श्रीपाल के मकान से बदबू आने से मृतक के परिजन तथा गांव के लोगों ने वहां जाकर देखा तो बालक बादल की लाश मिली। 

मामले की  गम्भीरता को दृष्टिगत रखते हुये अज्ञात आरोपियो की गिरफ्तारी द्वारा 25 हजार रूपये का नगद इनाम भी रखा गया था.    

गिरफ्तार आरोपीयों में से गुडडु उर्फ मनोहर लाल तिवारी निवासी ग्राम सगडा के द्वारा बर्ष 2008 में अप्रेल माह मे भी मृतक अज्जू उर्फ भूरा लोधी पिता हाकम सिंह निवासी बिजौरी थाना चरगंवा की अपहरण कर न्यू भेडाघाट नर्मदा नदी के किनारे अपने अन्य साथी दिनेश उर्फ दिन्नू राय एवं छुट्टू यादव सर्व निवासी जमुनिया थाना चरगंवा के द्वारा गला दबाकर हत्या कर लाश को पत्थर की खदान में रखकर जला दिया था एवं मृतक के पहने हुए कपडों को घुघरा नाले में फैंक दिया था । इस प्रकरण में तीनों आरोपीयों की अरेस्ट कर  न्याया में चालान पेश किया गया था न्यायालय से  तीनों आरोपीयों को उम्र केद एवं 5000-5000 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया था , जो वर्तमान में HighCourt  के आदेश से जमानत पर है।  गर इन्हें आचार संहिता प्रभाव शील अवधी में न्यायायिक अभिरक्षा में भेज दिया होता, तो आज ये हादसा ना होता, ओर एक माँ का नन्हा बालक अपनी माँ की गोद में  खेल रहा होता, पुलिस की ये लापरवाही समाज पर हमेशा से एक दुष्प्रभाव का निर्माण करती है, जिससे समाज में रहने वाले आम आदमी की पुलिस से उम्मीदे टूटती है, और जब मामला ग से गंभीर हो जाता है, तो औपचारिकता पूरी करते कातिलो को पेश कर प्रसिद्धी प्राप्त करने प्रेस कान्फ्रेंसे की जाती है, इस तरह के मामलों में अनुभवी अधिकारियो की सक्रीयता ढीली हो जाती है,  कान्फ्रेंस में दो प्रकार के जिम्मेदार है , जिन्होंने ढील बरती  और  जिन्होने दोबारा इस ढीली कानून व्यवस्था कॉंफायदा काफिडेंट के साथ उठाया. 

इन विवेचको की रही सराहनीय भूमिका
एसपी जबलपुर निमिष अग्रवाल की अनुभवी कार्यप्रणाली के कुशल मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ0 रायसिंह नरवरिया एवं सीएसपी  बरगी श्री रवि सिंह चौहान के कुशल प्रयासों  से आरोपियों को गिरफ्तार करने में  थाना प्रभारी चरगंवा उप निरीक्षक नितिन कमल, थाना प्रभारी ओमती श्री नीरज वर्मा एवं थाना प्रभारी शहपुरा श्री घनष्याम सिंह मर्सकोले, एवं  एफ.एस.एल. , सायबर सेल, क्राईम ब्रांच, टीम का को सफलता मिली, और कई दिनों से इस रहस्यमयी मौत का रहस्य खुल कर सामने आया.


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