दुर्ग छत्तीसगढ़ कांड में 10 अप्रैल को भारत बंद, व्यापारियों ने किया एलान, खस्ता कानून व्यवस्था का विरोध - News Vision India

Breaking

3 Apr 2018

दुर्ग छत्तीसगढ़ कांड में 10 अप्रैल को भारत बंद, व्यापारियों ने किया एलान, खस्ता कानून व्यवस्था का विरोध





दुर्ग छत्तीसगढ़ कांड में 10 अप्रैल को भारत बंद, व्यापारियों ने किया एलान,

विभिन्न व्यापारियों के द्वारा लिए गए निर्णय में सामूहिक निर्णय लिया जा कर खस्ता कानून व्यवस्था के विरोध में एकजुट हो कर भारत बंद का किया गया है एलान 

पूरे देश के व्यापारियों को उनके असुरक्षित-कमजोर  होने की प्रबल दावेदारी प्रस्तुत करते हुए दुर्ग पुलिस ने कानून व्यवस्था के नाम पर इतिहास में अपना नाम काले अक्षरों में दर्ज कराया है,  जिस से भयभीत पूरा व्यापार जगत का व्यापारी जो यह सोचने पर मजबूर है,  कि वह अपना व्यवसाय करने उपरांत अगर कर का भुगतान करता है तो वह किसके लिए,  देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी एक बार सभा में मंच पर पत्रकार वार्ता में कहा था, सरकार जनता से कर प्राप्त करती है तो उसके बदले में जनता को कई प्रकार की सुरक्षा और व्यवस्थाएं उपलब्ध कराती है,  जिसका जिम्मा सरकार का होता है पूरे बनावटी डायलॉग में यह तो खुलकर सामने आ गया की  कर का भुगतान करो या ना करो सरकार तो वही करेगी जो उसका मन करेगा और लोक सेवक वही करेगा जो उसका मन करेगा,  

सरकार केवल इसलिए बनी है कि वह कर आप से ले सके और आपके नहीं देने पर आपकी गिरेबान में हाथ डालकर आपसे छीन सके वह भी ब्याज और पेनाल्टी के साथ, यह सारे अधिकार केवल इस भारत देश में ही राज करने वाले राजनेताओं और लोक सेवकों के पास है, 

करप्शन को कम करने के लिए लोकपाल जारी करने समय सरकारों को सांप सूंघ जाता है,  अन्ना हजारे के आंदोलन भी  फर्जी घोषित हो चुके हैं,  हजारों युवाओं का परिश्रम और समय नष्ट हो गया परंतु लोकपाल नजर नहीं आया,  आज अगर एक असरदायक लोकपाल होता किसी लोक सेवक की भ्रष्ट प्रचंड घमंडी हरकत करने हिम्मत ना होती, सारा मानाधिकार दाव पे लगाया न होता,

क्या अर्थ है लोक सेवक का जरा, इस पर विश्लेषण दिया जाए लोगों की सेवा करने वाले पदाधिकारी को लोक सेवक कहते हैं, परंतु इसके मायने इस कलयुग में बदल गए हैं, लोक सेवक का मतलब होता है लोक से सेवा करवाने वाला,  आज यही सबसे बड़ा कारण है इस घटिया कानून व्यवस्था का, जिसमें आरक्षण की आग लगी हुई है, सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी रोटी सेकने प्रयासरत हैं परंतु सामूहिक रूप से जनता के प्रति किसी का भी रुख निष्पक्ष नहीं है पारदर्शी नहीं है

कोई जमाना था जब अनुसूचित जाति और जनजाति पर अत्याचार हुए थे तब सरकार ने अधिनियम बनाया था उनकी सुरक्षा के लिए कोई जमाना था जब चिकित्सकों को तकलीफ हुई थी तब डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट बनाया गया था  कोई जमाना था कोई समय था जब लोकसेवकों को तकलीफ हुई थी तो उनके लिए विशेष प्रावधान अधिनियमित किए गए जिससे उनके विरुद्ध सीधे थाने में FIR दर्ज नहीं की जा सकती

आज पिछले 65 सालों से भारत देश की आम जनता आम नागरिक अब इस भ्रष्टाचार से तंग आ चुका है हजारों प्रकरण ऐसे दृष्टांत  बन चुके है जिसमें संसद भवन अगर चाहे तो लोकहित  में देश हित में कई ऐसे अधिनियम में सुधार कर सकता है जो पूरे देश के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी हो जाएंगे परंतु आज हमारी देश की राजनीति का  रुख 2019 में होने वाले चुनावों के रुझानों में उलझा है, फिलहाल थक हार चूका व्यापारी वर्ग आज तकनीकी दुनिया में सोशल मीडिया के माध्यम से WHATSAPP और फेसबुक पर अपना अपना पक्ष रखने मजबूर है, 

यह सब जानते हैं कि देश हित में निष्पक्ष राजनीति करने वाला फिलहाल राजनीतिज्ञ देश की जनता के पास उपलब्ध नहीं है जिसके चलते आम जनता को होने वाले हादसों पर आंदोलन करने पड़ते है  जिसके चलते आहत हो चुके व्यापारी जगत के सभी व्यापारियों ने दुर्ग छत्तीसगढ़ व्यापारी युवकों को बतौर अपराधी समाज के सामने प्रस्तुत करने के दुसाहस और अमानवीय हरकत के विरोध में 10 अप्रैल 2018 को भारत बंद का आह्वान किया
bunty%2B-%2BCopy


      EDITOR :-  JITAINDRA MAKHIEJA (FACEBOOK 









बाइट :- रॉकी जसूजा, (व्यापारी -जबलपुर ), सभी व्यापारी बंधुओ से बंद में सहयोग के अपील की है,  

                                              क्या किया था पुलिस ने जरा देखिये 



सिंधियों को बताया पाकिस्तानी, छग सरकार मौन------WATCH NEWS 


Please Subscribe Us At:

WhatsApp: +91 9589333311
                                                                                                                                                  
#SindhiCalledPakistaniParadedByDurgPolice, #NewsVisionIndia, #HindiNewsDurgChhatigarhSamachar,











No comments:

Post a Comment

Follow by Email

Pages