बैंक मैनेजर को 3 साल की सजा और ₹10000 जुर्माना - News Vision India

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30 Dec 2017

बैंक मैनेजर को 3 साल की सजा और ₹10000 जुर्माना


मामला है बरघाट रोड जिला सिवनी का जहां पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर मुकुट सिंह ने फरवरी 2013 में स्थानीय निवासी शिक्षक और किसान फरियादी से ट्रैक्टर पर रुपए का लोन स्वीकृत करने हेतु और एक लाख 50 हजार रुपए पर्सनल लोन स्वीकृत करने हेतु रिश्वत की मांग की थी जिस से परेशान होकर फरियादी की ओर रुख किया जहां पर निरीक्षकों द्वारा हरि हरि की पीड़ा को समझते हुए उसे पीवीआर के माध्यम से बैंक मैनेजर को deal करते हुए voice रिकॉर्ड किया गया

इसे पूरे प्रकरण में की गई रिकॉर्डिंग को लैब से रिपोर्ट प्राप्त कर पुष्टि की गई साथ ही लोन पास कराने हेतु किए गए वार्तालापों का विश्लेषण किया गया जिस पर लोन पास किए जाने हेतु लंबित प्रकरण से संबंधित सभी जानकारियां रिकॉर्ड की गई थी जिनकी बिंदुवार अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया साथ ही मौके पर से बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था जिस पर उसको तीन दिवसीय न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था

अभियोग पत्र पर सुनवाई करते हुए जबलपुर की विशेष सीबीआई न्यायाधीश श्रीमती माया विश्व लाल के द्वारा आरोपी रिश्वतखोर बैंक मैनेजर Central Bank of India को अपना पक्ष रखने का संपूर्ण मौका देते हुए प्रकरण में आदेश पारित किया जिस पर आरोपी बैंक मैनेजर को 3 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया साथ ही ₹10000 से भी दंडित किया गया

भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोर बैंक अधिकारियों पर आए दिन आ रहे फैसलों से भ्रष्टाचार पर लगभग लगाम लगना शुरु हो गई है इस क्रम में जबलपुर की विशेष न्यायाधीश सीबीआई श्रीमती माया विश्वास द्वारा लंबित प्रकरणों पर सक्रियता के साथ अल्प समय में सुनवाई करते हुए समाज में जागरूकता हेतु उचित पहल की गई है जिससे समाज जागरूक हो  कर इस तरह की भांडेबाजी से बच सकेगा

 डॉ. सिराज खान( प्रधान संपादक )
( संपादक )  जितेंद्र मखीजा

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