नाराज जस्टिस चेलमेश्वर ने सीजेआई समेत चार जजों को लिखी चिट्ठी - News Vision India

Breaking

10 May 2018

नाराज जस्टिस चेलमेश्वर ने सीजेआई समेत चार जजों को लिखी चिट्ठी

Supreme Court Justice Chelmeshwar Letter
न्यायपालिका में पारदर्शिता का मुद्दा उठाने वाले दूसरे नंबर के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस जे. चेलमेश्वर ने बुधवार को फिर एक चिट्ठी मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और तीन अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीशों को भेजी है। हालांकि उस चिट्ठी मे क्या कहा गया है इसका पता नहीं चल सका है। जस्टिस चेलमेश्वर ने इससे पहले भी 21 मार्च को मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को को पत्र लिखा था और उस पत्र में न्यायपालिका में सरकार की दखलंदाजी पर ऐतराज जताया था। वह पत्र कर्नाटक के जिला जज कृष्ण भट्ट को हाईकोर्ट प्रोन्नत करने की कोलीजियम की सिफारिश को सरकार द्वारा दबा कर बैठ जाने और सरकार के सीधे कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने के बारे में था।

कानून मंत्रालय ने उस पत्र में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से जज कृष्ण भट्ट पर महिला जज द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए कहा था। तब जस्टिस चेलमेश्वर ने कानून मंत्रालय के सीधे हाईकोर्ट चीफ जस्टिस को पत्र लिखे जाने पर आपत्ति उठाते हुए इसे न्यायपालिका में सरकार की दखलंदाजी बताया था और मुख्य न्यायाधीश से न्यायिक नियुक्तियों में सरकार की दखलंदाजी पर फुल कोर्ट मे विचार करने को कहा था। उन्होंने उस पत्र मे ये भी कहा था कि सरकार और न्यायपालिका की दोस्ती लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उस पत्र की प्रति जस्टिस चेलमेश्वर ने सुप्रीम कोर्ट के सभी 22 जजों को भेजी थी।

Also Read:
तुरंत जाने, आपके आधार कार्ड का कहां-कहां हुआ इस्तेमाल https://goo.gl/ob6ARJ

मेरा बलात्कार या हत्या हो सकती है: दीपिका सिंह राजावत, असीफा की वकील

हनिप्रीत की सेंट्रल जेल में रईसी, हर रोज बदलती है डिजायनर कपड़े

माँ ही मजूबर करती थी पोर्न देखने, अजीबोगरीब आपबीती सुनाई नाबालिग लड़की ने

सिंधियों को बताया पाकिस्तानी, छग सरकार मौन, कभी मोदी ने भी थी तारीफ सिंधियो की

Please Subscribe Us At:
WhatsApp: +91 9589333311
                                                                                                                                                  
#SupremeCourtJusticeChelmeshwarLetter, #NewsVisionIndia, #HindiNewsCJISupremeCourtSamachar,

No comments:

Post a Comment

Follow by Email

Pages