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21 Jun 2018

UP के पुलिस मुख्यालय को नहीं है एनकाउंटरों की कोई जानकारी

UP Police Head Quarter Dont Have Encounter Details
UP के पुलिस मुख्यालय को नहीं है सूबे में हुए एनकाउंटरों की कोई जानकारी ! एक्टिविस्ट संजय शर्मा ने DGP ओ० पी० सिंह पर लगाया सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना का आरोप : योगी को पत्र लिख उठाई DGP ओ० पी० सिंह को दण्डित करने और उच्चतम न्यायालय के आदेश का अक्षरशः अनुपालन कराने की मांग 

UP के पुलिस मुख्यालय को नहीं है सूबे में हुए एनकाउंटरों की कोई जानकारी

मानवाधिकारों की वकालत करने वाले समाजसेवी पुलिस एनकाउंटरों को हमेशा से मानवाधिकार उल्लंघन का वीभत्सतम रूप मानते रहे हैं l राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोगों के साथ-साथ देश की अदालतें भी पुलिस एनकाउंटरों को संदेह की निगाह से देखती रही हैं l अभी पिछले दिनों जब सूबे के मुखिया आदित्यनाथ योगी ने सूबे में बढ़ते एनकाउंटरों पर एक लूज स्टेटमेंट दे दिया था तो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तुरंत ही सख्त रुख अपनाते हुए सूबे के मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब कर ली थी l पर अब सामने आ रहा है कि सूबे के पुलिस विभाग का सबसे बड़ा ऑफिस यानि कि पुलिस मुख्यालय और सूबे के पुलिस के मुखिया यानि कि डीजीपी अभी तक एनकाउंटरों  के मुद्दे पर कतई संजीदा नहीं हैं l चौंकाने वाला यह खुलासा राजधानी लखनऊ के राजाजीपुरम के ऍफ़ ब्लाक निवासी फायरब्रांड आरटीआई कंसलटेंट  और इंजीनियर संजय शर्मा द्वारा बीते 24 अप्रैल को यूपी के मुख्य सचिव कार्यालय में दायर की गई एक आरटीआई पर उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक मुख्यालय के जनसूचना अधिकारी द्वारा बीते 12 जून को जारी किये गए एक पत्र से हुआ है l

बताते चलें कि देश के जाने माने समाजसेवियों में शुमार होने वाले संजय शर्मा ने आरटीआई अर्जी देकर इस साल 2018 को सम्मिलित करते हुए पिछले 10 वर्षों में  उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा Encounters में वर्षवार मारे गए  लोगों से सम्बंधित कई बिन्दुओं पर सूचना मांगे थीं l संजय ने वर्ष वार मारे गए लोगों  की कुल संख्या,मारे गए लोगों  में से हिदू,मुस्लिम,सिख और ईसाइयों की पृथक-पृथक संख्या,मारे गए लोगों  में से सामान्य,अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के  लोगों  की पृथक-पृथक संख्या,मारे गए लोगों  में से पुरुष,महिला और किन्नर  लोगों की पृथक-पृथक संख्या,मारे गए लोगों
में से अपराधियों और निर्दोषों की पृथक-पृथक संख्या,असली और फर्जी एनकाउंटरों की पृथक-पृथक संख्या,असली एनकाउंटरों के आधार पर रिवॉर्ड पाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की पृथक-पृथक संख्या,फर्जी एनकाउंटरों के आधार पर दण्डित किये जाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की पृथक-पृथक संख्या और एनकाउंटर करने के सम्बन्ध में प्रदेश सरकार द्वारा जारी किये गए सभी शासनादेशों, नीतियों, दिशा निर्देशों और
  कार्यालय आदेशों की सत्यापित प्रतियों की मांग की थी l

पुलिस मुख्यालय के जन सूचना अधिकारी ने एक्टिविस्ट संजय को बताया है कि
संजय द्वारा माँगी गई कोई भी सूचना पुलिस मुख्यालय में उपलब्ध नहीं है l

मानवाधिकार संरक्षण के क्षेत्र में कार्यशील संस्था तहरीरके संस्थापक
  अध्यक्ष संजय शर्मा ने इस जबाब के आधार पर सूबे के पुलिस महानिदेशक पर  मानवाधिकारों के प्रति निहायत गैर-संवेदनशील होने का गंभीर आरोप लगाया है

मानवाधिकार कार्यकर्ता संजय शर्मा ने डीजीपी ओ० पी० सिंह पर  उच्चतम
  न्यायालय द्वारा पीयूसीएल बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य मामले में 23  सितम्बर 2014 को दिए गए आदेश को न मानने का भी आरोप लगाया है l बकौल संजय उच्चतम न्यायलय ने अपने आदेश के पैरा 31, 32 और 33 के द्वारा सभी  प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों को आदेश दिया था कि वे प्रत्येक छमाही  सूबे में हुए पुलिस एनकाउंटरों में मारे गए और घायल हुए लोगों के वारे में एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजेंगे l  संजय का कहना है कि DGP कार्यालय के PIO के जबाब से स्पष्ट है कि DGP कार्यालय उच्चतम न्यायलय के  आदेश के अनुसार  प्रत्येक छमाही सूबे में  हुए पुलिस एनकाउंटरों में मारे गए और घायल हुए लोगों के वारे में रिपोर्ट नहीं बना रहा है और इस प्रकार देश के सर्वोच्च न्यायालय की निरंतर  अवमानना करने के साथ-साथ पुलिस को खुली गुंडागर्दी करने का लाइसेंस देकर पुलिस के माध्यम से मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन करा  रहा है l

पारदर्शिता, जबाबदेही और मानवाधिकार क्रांति के लिए एक पहल ( तहरीर )
  संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय ने बताया कि क्योंकि पुलिस महानिदेशक  का कार्य-आचरण निहायत गैर-संवेदनशील है इसीलिये वे यूपी के मुखिया योगी  आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पुलिस महानिदेशक के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही  करने के साथ-साथ सूबे में उच्चतम न्यायालय द्वारा पीयूसीएल बनाम  महाराष्ट्र राज्य व अन्य मामले में 23 सितम्बर 2014 को दिए गए आदेश का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग उठा रहे हैं l

Er. Sanjay Sharma سنجے شرما संजय शर्मा
Founder & Chairman - TAHRIR
( Transparency,Accountability & Human Rights' Initiative for Revolution )

Note: Information and written by the above name mentioned


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