36 करोड़ में निपटे 2655 केस, 53 खंडपीठों का सफल हुआ परिश्रम, लोक अदालत की अपनी पहचान कायम - News Vision India

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14 Jul 2019

36 करोड़ में निपटे 2655 केस, 53 खंडपीठों का सफल हुआ परिश्रम, लोक अदालत की अपनी पहचान कायम


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36 करोड़ में निपटे 2655 केस,  53 खंडपीठों का सफल हुआ परिश्रम, लोक अदालत की अपनी पहचान कायम

वर्ष 2019 जुलाई में निर्धारित लोक अदालत में पक्षकारों को 36 करोड़ 1200000 की आवाज राशि समझौते के रूप में और मुआवजे के रूप में निर्धारित कर स्थाई आदेश पारित किए गए और 2655 प्रकरणों की फाइलें लंबित प्रकरणों की गिनती में से हमेशा के लिए खत्म कर दी गई,

 दीप प्रज्वलित कर, न्यायपालिका में लोक अदालत के सफल  होने की कामना लेकर सभी सम्माननीय न्यायाधीशों के द्वारा 13 जुलाई 2019 को सुबह 10:30 बजे लंबित प्रकरणों के निराकरण की गिनती को अधिकतम मात्रा में कम करने की कमर कसते हुए पुरजोर प्रयास आरंभ किए गए  और नतीजतन 2655 प्रकरण मात्र 7 घंटे की अवधि में निराकृत किए गए,

इन 2655 प्रकरणों में जिला न्यायालय भोपाल में दीवानी मामले,  दांडिक मामले, परिवारिक विवाद, चेक बाउंस संबंधी विवाद, प्री लिटिगेशन मामले, लोक उपयोगी सेवाएं संबंधित मामले, नगर पालिक निगम अधिनियम और मोटर दुर्घटना दावे संबंधित प्रकरणों को चिन्हित किया गया था, और कई ऐसे मामले जिनमें आपसी सुलह और मध्यस्था के माध्यम से मामले का निराकरण उचित दिशा निर्देशों और मुआवजे-पेनाल्टी की राशि के निर्धारण पर संभव था,  इन सभी मामलों को न्यायाधीशों ने अपने विवेक और अनुभव के माध्यम से प्रकरणों की परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए निराकरण करने में सफलता प्राप्त की और लंबित प्रखंडों में उपजे विवादों का खात्मा दर्ज हुआ,

इस प्रकार के निराकरणों से न्यायाधीशों के विवेक बुद्धि और अनुभव का लाभ आम जनता को विभागों को और अभीभाषको को मिलता रहता है, जो गिनती आज मात्र 53 न्यायाधीशों ने 2655  प्रकरणों के  निराकार करते हुए दर्ज की है,  अगर इसी प्रकार से लोक अदालत के आयोजन प्रतिमाह किए जाएं तो इस विषय में कोई संदेह नहीं है, कि न्यायाधीशों के अनुभव तले लंबित प्रकरणों की गिनती, इस प्रकार अंधेरे के जैसे कम हो जाएगी, जैसे सुबह सुबह सूरज निकलने के बाद अंधेरा कुछ ही क्षेत्रों में बचा कुचा रह जाता है,

भोपाल में आयोजित नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में भोपाल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, जिला न्यायाधीश श्री राजेंद्र कुमार वर्मा जी सचिव श्री आशुतोष मिश्रा जी एवं  अनुभवी कुशल मार्गदर्शन आयोजन के सफल होने का मुख्य स्त्रोत रहा,  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री आशुतोष मिश्रा जी के द्वारा पत्रकार वार्ता के दौरान उपरोक्त निराकृत किए गए सभी प्रकरणों की जानकारी पूरे विवरण के साथ जारी की गई.

संकलन कर्ता : जितेन्द्र मखीजा, 






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