सड़क पर पुलिस की घोर पिटाई, वाहनों में लगाई आग, आम जनता एकजुट हुई तो पुलिस ने किया सरेंडर, घुटने टेक के माफ़ी मांगी, USA - News Vision India

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1 Jun 2020

सड़क पर पुलिस की घोर पिटाई, वाहनों में लगाई आग, आम जनता एकजुट हुई तो पुलिस ने किया सरेंडर, घुटने टेक के माफ़ी मांगी, USA



सरकारी नौकरी मिलते ही एक गरीब जब पुलिस की वर्दी पहन लेता है, तो जिस समय नौकरी ज्वाइन करने से पहले उसने जो कसम खाई थी, जनता की सेवा करने की, देश की सेवा करने की, यह केवल तब तक सीमित रहती जब तक उस वक्त हर महीने पगार मिलना शुरू नहीं हो जाती और जैसे ही उसे पगार मिलना शुरू हो जाती है ,वह अपना असली रूप दिखाना शुरू कर देता है, और जो कसम खाई थी वह भूल जाता है, और बहुत ही ज्यादा महत्वाकांक्षी हो करके हर प्रकार से हर वह काम करता है ,जो उसकी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए उसे सही लगता है, |

यूएसए में एक घटना हुई पुलिस ने अपनी ताकत दिखाई , उसमें जॉर्ज की मौत हुई, वीडियो वायरल हुआ जनता ने आव देखा ना ताव और इस मौके को गवाए बिना एकजुटता का परिचय दिया, पूरे देश में आग लगा दी, पुलिस वालों को सड़क पर ढूंढ ढूंढ कर मारा, उनके वाहन जला दिए, उनकी घोर बेज्जती की गई, सड़क से गुजरने वाले हर पुलिसकर्मी को बद्दुवा दी गई, ऐसी स्थितियां हो गई पुलिस वाला वर्दी पहन कर अपने आप को अछूत समझने लगा था |


जनता की एकजुट सक्रियता को देखकर डोनाल्ड ट्रंप भी  सकते में गया और अगले साल के शुरुआती दौर में होने वाले चुनाव में ट्रंप की कुर्सी भी जाती हुई तय हो गई और पुलिस प्रशासन ने तत्काल जनता के सामने सरेंडर किया, क्योंकि अगली सरकार जो भी बनेगी उसके लिए यह बहुत बड़ा मुद्दा है, कि वह जॉर्ज के हत्यारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे और पुलिस को नई कानूनी बंदिशों में सकत करेंगे ताकि दोबारा कभी वो किसी भी सामान्य व्यक्ति/ आरोपी के साथ ऐसा बर्ताव करें

जिस काम के लिए अधिकृत ही नहीं है, क्योंकि नौकरी देने से पहले उसे सभी प्रकार से प्रशिक्षित किया जाता है, जिसका उलंघन और जानकारी का अभाव सजा पात्र बना देता है, और यह सरकारी कार्य करने की प्रवत्ति/शिक्षा के विरुद्ध है, ये ipc 353 में कवर नही हो सकता, पर यह भारत में होता ताओ सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता, इसका इलाज समाज के पास होता है , इनका सामाजिक बहिष्कार 

कानून का पहला और अंतिम सिद्धांत है :  100 गुनहगार छूट जाएं परंतु किसी भी एक बेगुनाह को सजा नहीं होनी चाहिए, यहां तो पुलिस ने अपने अधिकारों के दुरुपयोग का कहर सड़क पर दिखा दिया था, और जनता ने एक लोक सेवक पब्लिक सर्वेंट को उसकी औकात भी याद दिला दी |



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