पैसा दो न्याय लो, वाणिज्यिक कर विभाग जबलपुर में बिना लेनदेन के कोई काम नही - News Vision India

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17 Oct 2017

पैसा दो न्याय लो, वाणिज्यिक कर विभाग जबलपुर में बिना लेनदेन के कोई काम नही



BJP के शासन में अव्वल पहल :- नेता मौन  
Pay to Get JUSTICE
आम जनता को नही हो पाती जानकारी इस तरह के भ्रष्टाचार की, जिसका फायदा उठाते है. ये अधिकारी 
पैसा दो न्याय लोवाणिज्यिक कर विभाग  जबलपुर में बिना लेनदेन के कोई काम नही
M.P. COMMERCIAL TAX OFFICE, JABALPUR
खुल कर ट्रांसपोर्टर ढो रहे बिना बिल का लोहा और परचून, उड़न दस्ता सो रहा विभाग में

कई प्रकरणों के आगत कर दावों सम्बंधित मामलो में  न्यूज़ विजन की जांच जारी है जल्दी बड़ा खुलासा होगाकईयों पर गिरेगी विभागीय जांच की गाज. कई बड़े व्यापारीयो को लाभ पहुँचाने वाले कई अधिकारी जांच में होंगे बेनकाब

जिस अपीलीय अधिकारी को खुद के विभाग का रिकॉर्ड मेंटेन नहीं करते आता उसको दी गई है जिम्मेदारी व्यापारियों के रिकॉर्ड चेक करने की

वैट एक्ट में सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत प्रकरण को न्यायालय में न्याय हेतु दायर नही किया जा सकताइनका एक प्रथक ट्रिब्यूनल हैजहा पर न्याय हेतु  भ्रष्ट अधिकारियो के द्वारा पारित आदेश में आरोपित कर का 25 प्रतिशत जमा कर के ही जाया जा सकता हैबस यही भ्रष्टाचारियो की आय का स्त्रोत है , CM HELPLINE योजना की तो खुद इन अधिकारियो ने तो अच्छी खासी दुर्गती कर रखी है,      

एक मामला है
केम्तानी  बिल्डर्स द्वारा दायर अपील आवेदन काजिसको अपीलीय उपायुक्त ओ पी वर्मा उर्फ  ओमप्रकाश ने ख़ारिज कर दियापारित आदेश इतना बचकाना है की शेष अपीलार्थियो को मार्गदर्शी सन्देश  मिल जाता है की इस विभाग में बिना लेन देन के कोई राहत नही मिलने वाली.

बिल्डर केम्तानी के द्वारा वर्ष 13-14 की विवरणी प्रस्तुत कर जबलपुर की एक फर्म फ्रंट स्टेट कॉर्पोरेट द्वारा भरी गयी विवरणी पर आगत कर दावा अपील आवेदन में मान्य करने हेतु प्रार्थना की गयी थीवाणिज्यिक कर अधिकारी वृत्त 2 के द्वारा उनका दावा निरस्त किया गया थाजिसकी अपील बिल्डर के द्वारा अपील उपायुक्त ओ पी वर्मा उर्फ  ओमप्रकाश  के समक्ष प्रस्तुत की , इसी दौरान कुछ ऐसे भी मामले सामने आये  है जिनमे इन्ही ओ. पी. वर्मा उर्फ ओमप्रकाश अधिकारी ने मिलते जुलते एक समान प्रकरण पर आगत कर दावा मान्य किया है,  विक्रेता फर्म फ्रंट स्टेट का पंजीयन भी लेनदेन न होने से बिना सुनवाई के निरस्त किया गया थाबिल्डर के द्वारा किया गया क्रय वैट एक्ट के नियम अंतर्गत सही है ओमप्रकाश से एक कार्यक्षेत्र का कार्य नियमित रूप किया किया नहीं जा पा रहा है और  अन्य संभागो का चार्ज भी इन्ही के पास है

अपील उपायुक्त ने जो आदेश दिया हैउसमे वे खुद लिख रहे है की फ्रंट स्टेट का पंजीयन निरस्तीकरण 30-10-2013 को किया गया हैफ्रंट स्टेट व्यवसायी ने ऑनलाइन विवरण भी प्रस्तुत किये हैऔर अपीलीय उपायुक्त ओ पे वर्मा ने बिल्डर का आगत कर दावा यह कहते हुए अमान्य कर दिया,की फ्रंट स्टेट ने विवरण परा जमा नही कियेअरे साहब विभाग आपका है ऑनलाइन रिकॉर्ड तो चेक कर लेते.  कुछ यही परेशानी जी एस टी को लेके सामने आयी है कंप्यूटर पर काम करते अधिकारी को नही आता या बिना लिए वो काम नही करता, अनावश्यक व्यापारी परेशान हो रहा है, और ओमप्रकश वर्मा का ऐसा कार्यालय है जहा सभी आदेश MPCTD की वेबसाइट से हट के मन मुताबिक आदेश पारित किये जाते है, व् मैन्युअल किये जाते है जिनका समय सीमा और  न्याय से कोई वास्ता नहीं है,

इस प्रकरण में साफ़ झलक रहा हैकी बिना पैसे लिए ओ. पी. वर्मा उर्फ  ओमप्रकाश कोई काम नही करतेइनके द्वारा अपील कार्यालय में कोई आने जाने वाले केस के रिकॉर्ड भी मेंटेन नही किये जातेन्यूज़ विजन की ओर से इस अपीलीय अधिकारी की योग्यता अनुसार काम देने हेतु आयुक्त कार्यालय प्रमुख सचिव राज्य कर को पत्र लिखा गया हैबतौर लोक सूचन अधिकारी ओ पी वर्मा अपने कार्यालय में मेंटेन करने वाले रिकॉर्ड को सूचना अधिकार में किसी को नही देते, जहा उनकी लापरवाही और मनमानी की पोल खुलने का डर बना  रहता है

अपीलीय उपायुक्त ओपी वर्मा उर्फ ओमप्रकाश ने विभागीय कार्यों को निष्पादित करने हेतु अपनी क्षमता और योग्यता के आधार पर नवीन कार्य प्रणालियों के तहत कार्य का बोझ कम किया है उनके कार्य करने के सलीके आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के स्त्रोत रहेंगे

अपील कार्यालय में इस तरह की घटिया कार्यप्रणाली से सैकड़ो केस बेवजह अपील बोर्ड और न्यायालय के पाले में अनावश्यक जा रहेवाणिज्यिक कर विभाग की उड़न दस्ता /  एंटी इवेजन विंग / AEB  की सक्रियता हमेशा से संदिध्ग्द रही हैइस टीम के द्वारा कभी सडको पर गश्त नही की जातीइस टीम  का निर्धारण क्यों हुआ है सब जानते हैयह टीम विभाग का ऐसा हिस्सा है जो सिर्फ वसूली का कार्य करता है, न्यूज़ विजन के द्वारा इस उड़न दस्ता टीम को सक्रीय रूप से कर चोरो पर कार्यवाही के लिए आवेदन भी दिया गया हैजिस पर कोई कार्यवाही नही की गयीना ही किसी अधिकारी को विभाग को रहे करोडो के रोज नुक्सान की कोई फ़िक्र है, खुल कर ट्रांसपोर्टर ढो रहे बिना बिल का लोहा और परचून, उड़न दस्ता सो रहा विभाग में, क्योकि सामान्य प्रशासन विभाग ने AEB / उड़न दस्ता की कार्यवाही को साझा नही करने के लिए छूट देके रखी हैएक और अपील कार्यालय में मनमाने तरीके से किये जा रहे कार्यो से आम व्यापारी अनावश्यक परेशान हो रहे,

MPCTD की वेबसाइट पे Dealer's Rights and Obligations व्यापारी के अधिकारों के  बारे में लेख अपलोड है, ये वो अधिकार है जो कभी व्यापारी के हुए नहीं

भ्रष्टाचार की यह जड़े इतनी मजबूत है की इन भ्रष्ट अधिकारियो का ट्रान्सफर भी  ट्रान्सफर निति के विपरीत जहा अधिकारी चाहे वहा हो जाता हैन्यूज़ विजन के द्वारा लोकायुक्त समेत अन्य विभागों को जनहित में आवश्यक कार्यवाही के लिए पत्र लिखा है  







Asstt.Editor :-  Jitaindra           Makhieja

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