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9 Jan 2019

अवैध उत्खनन में चार लोगों को बड़ी सजा और जुर्माना अलग


                   अवैध उत्खनन में चार लोगों को बड़ी सजा और जुर्माना अलग

 धृतराष्ट्र बन चुका तहसीलदार बरगी-चर्गंवा  क्षेत्र का, एक अनुविभागीय अधिकारी अय्याशी में हो चुका निलंबित

पूरी तहसील के अंतर्गत डोलोमाइट पत्थर-गिट्टी -रेट  का अवैध उत्खनन पिछले दो दशकों से चलता रहा है जिसकी शिकायतें  कई बार  अधिकारियों को भी प्राप्त हो चुकी और कई बार तहसीलदार के नजरों में भी रही है 

पटवारी और आर आई तो ऐसे लापरवाह हो चुके हैं कि जैसे रास्ते में आते जाते हुए उनको डोलोमाइट ढोते हुए ट्रैक्टर और ट्राली कभी मिलते ही नहीं है

सवाल यह भी है कि सरकारी कर्मचारी होने के नाते हर किसी कर्मचारी को उतना संज्ञान रहता है कि जो कार्य उन्हें आवंटित किया गया है प्रशासन की ओर से वह केवल उसी से मतलब रखेगा

बाकी घूम फिर कर के न्याय व्यवस्था पर काबू रखना शांति बनाए रखना अवैध कार्यों को रोकना और दोषियों को सजा देना जैसा महान कार्य न्यायालय पर छोड़ दिया गया है

नतीजतन खनन विभाग द्वारा की गई कार्यवाही में 4 आरोपियों के विरुद्ध अवैध खनन का मामला दर्ज किया गया था जिसमें फूल सिंह और देवी सिंह और बबलू वल्द छप्पर सिंह तिवारी लाल वल्द छोटेलाल चारों के विरुद्ध  मामला दर्ज किया गया था, जिन लोगों ने वन क्षेत्र की भूमि को खदान बताकर पत्थर की खुदाई कर 80 मीटर तक खोद दिया था

और इस मामले में जबलपुर के न्यायाधीश श्रीमान आशीष ताम्रकार के द्वारा चारों आरोपियों को 6 माह के कारावास की सजा सुनाई गई और प्रत्येक आरोपी को ₹1000 अर्थदंड भुगतान करने का आदेश दिया

मजाक बन चुका है तहसील कार्यालय अब न्यायालय के द्वारा इस कार्यवाही को समापन किया गया है चार आरोपियों को सजा सुनाकर, परंतु जिस किसी लापरवाह तहसीलदार और उच्च अधिकारी की अगुवाई में यह कार्य पिछले लंबे समय से किए जा रहे हैं, उनके विरुद्ध किसी प्रकार की सजा का कोई प्रावधान नहीं है, ना ही किसी जिलाधीश को इस मामले में इंटरेस्ट है जो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें या इस मामले में कोई ऐसी व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू करने का कार्य करें जिससे अवैध उत्खनन रोका जा सके



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