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12 Nov 2017

मुंबई पुलिस की मनमानी, फण्डवीस मौन , महाराष्ट्र, भारत,



मुंबई पुलिस की मनमानी, फण्डवीस मौन , महाराष्ट्र, भारत,
वोट के बदले चोट 
यह भाजपा भी जनता की हिमायती नही, सब वोट की राजनीती है, कांग्रेस को कोस कर विकास के नाम पे वोट माँगा, वोट मिला विकास तो एक जुमला था,
भाइयो और बहनों,

खबर में हैडिंग के अंत में भारत इसलिए लिखा गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके की भारतीय प्रशासनिक अधिकारियो में ही सिर्फ ऐसी अतुलनीय योग्यता पाई जाती है,  

मध्य प्रदेश के मेडिकल स्टूडेंट भर्ती घोटाले / व्यापम घोटाला पूरे विश्व में चर्चा का विषय रहा है, जिसका खामियाजा केवल आम जनता को ही भुगतना पड़ेगा, कैसी योग्यता और कैसी निष्ठा सरकारी नौकरी प्राप्त करने वालों का बतौर पब्लिक सर्वेंट सरकारी नौकरी हासिल करना आज वर्तमान में महज सुलभ, सफल, सुविधाओ के साथ जीवन जीने का इकलौता सुगम मार्ग और लक्ष्य है, जो  समूचे भारत देश में सरकारी नौकरी प्राप्त करने वालो के लिए किसी स्वर्गाभास से कम नही है,

हर कोई अपने विभाग में राजा की तरह जीवन व्यतीत कर रहा है, और न्यायालयों में घूसखोरो पर आ रहे उत्तरोत्तर फैसले भी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में सफल नही हो पा रहे है,

निसंदेह कोई कारण होगा जब अधिनियम में यह संशोधन करना पड़ा होगा सरकार को, जिससे अधिनियम में सरकारी कर्मचारी के विरुद्ध भादवि, लापरवाही, crpc में वर्णित नियमो के तहत सीधी कायमी / कार्यवाही में रोक लगा दी गयी थी,

परन्तु आज परिस्थितियाँ विपरीत है, आज इस एक पक्षीय संरक्षण की कीमत पूरे  भारत वर्ष का हरेक नागरिक चुका रहा है, पब्लिक सर्वेंट के नाम पर, यही से प्राप्त अधिकारों के भद्र दुरपयोग का सिलसिला होता है शुरू सरकारी नौकरी से, अब जनता के हित में संशोधन की आवश्यकता है, करेगा कौन ? भाजपा या कांग्रेस, केजरीवाल को करने नही दिया जा रहा, राजस्थान सरकार ने तो इन्हें और भी सुरक्षित करने की तैयारी कर ली थी, जिसमे सरकार असफल हुयी,  

घटना का विडियो आया है मुंबई से जिसमें  शशांक राणे ट्रेफिक हवालदार ने इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया, गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड  रिकॉर्ड में नेगेटिव लिस्ट  भी आवश्यक रूप से होनी चाहिए, जिसमे उल्लेख हो उन सभी घटनाओ का, जो सामान्य, प्राकृतिक से परे सृजित और किसी व्यक्ति के द्वारा बतौर प्रशासनिक अधिकारी रहते की गयी हो, जैसी की शशांक राणे ने की है,

एक महिला जो दूधमुहे बच्चे के साथ कार में पीछे बैठी है उसे टोचन कर ले जा रहा कानून का रखवाला शशांक राणे, जिसने लोकल टोपी पहन रखी है. घुटखा खा रहा है, नेम टैग नही है, बयान देने से भाग रहा है, वो शायद इंसान नही कोई जानवर पकड़ के ले जा रहा है, इतनी बेहरहमी जो कर दे इंसानीयत को शर्मसार, इस अपराधी पर कार्यवाही हो सकती है पर नियमो में संशोधन नही, जो इन पर लगाम लगा सके

भारत का प्रधान मंत्री पूरी ताकत के साथ लगा है देश को स्मार्ट बनाने में, पर ला सका को केवल अपंग जी. एस. टी., जिससे फायदा केवल सरकार को है, टैक्स देने वाली जनता तो उसी कानून के दायरे में रहेगी, जिसमे वो अभी तक शोषित हो रही है लगातार,  

      यह सिर्फ एक खबर नही है, राष्ट्र की मांग भी है       


Editor :-  Jitaindra Makhieja      

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